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Vastu Tips : टपकती नल से बहता है आपका पैसा, जानिये वास्तु के अनुसार पानी के प्रवाह से जुड़े कुछ अनूठे नियम

Vastu Upay : वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी के स्रोत और उसका प्रवाह भी उचित दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा है !

नई दिल्ली , 26 सितम्बर 2023 : हमारे दैनिक जीवन में छोटी-छोटी चीजें हमारे सुख-संपदा में योगदान कर सकती हैं। घर की हर छोटी वस्तु और प्रतिष्ठा की दिशा में बदल सकती है। इन छोटी-मोटी बातों में से एक बड़ी महत्वपूर्ण बात है – पानी। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी के स्रोत और उसका प्रवाह भी उचित दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आइए, हम आपको ऐसे वास्तु नियमों के बारे में बताते हैं जो आपके घर के पैसों पर असर डाल सकते हैं।

1. पानी का सही प्रवाह: आपके घर में पानी का सही प्रवाह महत्वपूर्ण है। नहाने के पानी, रसोई में प्रवाहित पानी, और अन्य उपयोग के लिए पानी की सही दिशा में होना चाहिए। यदि पानी गंदा होता है और पश्चिम दिशा की ओर जाता है, तो यह धन की हानि का सूचक हो सकता है।

2. नदी या नाला के निकट न खरीदें: घर या प्लॉट का चयन करते समय ध्यान दें कि नदी या नाला आपके घर से बहुत क़रीब न हो। इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है और घर के लोगों को अस्थायी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

3. हाउस फ़्लोर शील्ड: घर के फर्श का ढलान उसी दिशा में होना चाहिए, जिसमें पानी का प्रवाह होता है। यदि फर्श का ढलान दक्षिण, पश्चिम, या नैऋत्य कोण की ओर हो, तो घर के लोग कभी खुश नहीं रह सकते, और विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

4. बारिश का जल: बारिश के पानी की निकासी के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर होती है। इससे घर में धन की वृद्धि हो सकती है। लेकिन ध्यान दें कि यह पड़ोसियों की ओर न बहे, इससे रिश्तों में खटास नहीं आएगी।

5. टपकता नल: घर के बाथरूम, किचन, या अन्य स्थान पर टपकता हुआ नल बहुत अशुभ माना जाता है। ऐसे होने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है, और धन की हानि हो सकती है।

6. पानी की दिशा और प्रभाव: पानी की दिशा और उसका प्रवाह घर के सदस्यों पर भी प्रभाव डाल सकता है। यदि पानी आग्नेय कोण से बाहर नहीं गिरता है, तो इससे बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

7. दिशा के आधार पर पानी का प्रवाह:

  • उत्तर दिशा: सरकार या प्रशासन के समक्ष लाभकारी हो सकता है, और अधिकांश कार्यों में पूर्णता रहेगी।

  • उत्तर-पश्चिम दिशा: इससे धन का लाभ होता है और सुख-संपदा मिलती है।

  • उत्तर-पूर्व दिशा: इससे सहयोग और समर्थन मिलता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के पानी के स्रोत और प्रवाह को ध्यानपूर्वक बनाए रखना महत्वपूर्ण है। इन नियमों का पालन करके, आप अपने घर के वातावरण को सकारात्मक बना सकते हैं और धन की वृद्धि में मदद कर सकते हैं।

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डिसक्लेमर

इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है, और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगकर्ता की होगी।

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