शिमला, 29 मई (हि.स.)। कोरोना की दूसरी लहर में शिमला नगर निगम ने शहर के सैंकड़ों कारोबारियों व व्यवसायिक उपभोक्ताओं को राहत दी है। कोरोना काल के दौरान कारोबारियों को गारबेज बिल पर सरचार्च नहीं देना पड़ेगा। नगर निगम ने गारजेब बिल पर लगने वाले सरचार्ज को माफ करने की घोषणा की है। नगर निगम शिमला की शनिवार को वर्चुअली आयोजित मासिक बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मेयर सत्या कौंडल ने की। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस बैठक को वर्चुअली संबोधित किया। मेयर सत्या कौंडल ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि जब तक कोरोना से हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक शहरवासियों से गारबेज बिल पर सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। मेयर ने बताया कि कोरोना महामारी से इस बार बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हुई है। कोविड गाइडलाइनस में स्थानीय निकायों को अस्पतालों में मरने वाले कोरोना मरीजों का दाह संस्कार करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके तहत दो कर्मचारी तैनात किए हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया कि होम आइसोलेशन में कोरोना मरीज की मौत होने पर शव को श्मशानघाट ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस के साथ जाने वाले नगर निगम के दो कर्मचारियों को प्रति शव दो-दो हजार रूपये दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हाल ही में एमसी के एक सैहब कर्मचारी की मौत हुई है जिसे आर्थिक तौर पर एमसी ने एक लाख रुपए की राशि दी है । इसके अलावा मृतक की पत्नी को करुनामुलक आधार पर नौकरी दी जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा फ्रंटलाइनर घोषित किए जाने के बाद मृतक का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। मासिक बैठक में लालपानी एसटीपी प्लांट को अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया गया। सत्या कौंडल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान एमसी के कर्मचारी सेनीटाईजेशन से लेकर घर-घर से कूड़ा उठाने का सराहनीय काम कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/सुनील




