25/03/2021 शिमला, 25 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखाओं के संचालन में तेज़ी आई है। इस महामारी के दौरान संघ का कार्य 70 प्रतिशत विस्तार के साथ देशभर में बढ़ा है। इसी तरह हिमाचल में भी संघ के कार्य में तेज़ी आई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिमाचल प्रांत के संघ चालक वीर सिंह रांगड़ा ने गुरुवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल में संघ के कार्य ने तेजी पकड़ी है। हिमाचल में 5848 स्थानों में 730 शाखायें चल रही है, जबकि 359 संघ मंडली व 192 साप्ताहिक मिलन के कार्यक्रम चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में 38913 स्थानों पर संघ की 62491 शाखायें चल रही हैं। इसी तरह साप्ताहिक मिलन के कार्यक्रम 20303 है। 8732 मासिक मंडली हैं। कोरोना काल में संघ के स्वयंसेवकों ने देशभर में सेवा भारती के माध्यम से 92,656 स्थानों पर सेवा कार्य किए। कहा कि स्वयंसेवकों ने 7381402 परिवार राशन किट दिये गये, वहीं भोजन पेकैट 4 करोड़ 66 लाख 34 हजार 730 वितरित किये। 90 लाख मास्क वितरण के साथ ही स्वयंसेवकों ने 1 लाख अस्थाई आवासों की व्यवस्था की। कोरोना काल में देशभर में रक्तदान शिविरों में 60229 युनिट रक्तदान भी स्वयंसेवकों ने किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मार्च की तुलना में 89 प्रतिशत शाखाएं पुनः प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 19-20 मार्च को बंगलूरू में आयोजित की गयी। जिसमें 350 प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से तथा 900 प्रतिनिधियों ने आभासी माध्यमों से भाग लिया। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश से इस बैठक में प्रतिवर्ष 21 प्रतिनिधि शामिल होते हैं लेकिन इस बार कोरोना के कारण 5 प्रतिनिधि ही इसमे शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण मार्च से जून 2020 तक संघ का कार्य पूर्ण बंद था, शाखाएं बंद थीं। तब भी संघ के स्वयंसेवक सक्रिय थे। यह संघ का चुनावी वर्ष भी था ऐसे में कोरोना वायरस के संकट के कारण प्रतिवर्ष नागपुर में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक पहली बार बैंगलूरू में आयोजित की गयी। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील




