नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुई ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी हाईकमान ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए नाराजगी जताई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि ऐसी गतिविधियों से दूर रहें, वरना अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
जाति आधारित राजनीति से BJP का इनकार
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा की राजनीति किसी जाति, वर्ग या परिवार के इर्द-गिर्द नहीं घूमती। पार्टी की सोच और कार्यशैली विकास, राष्ट्रवाद और सुशासन पर आधारित है। उन्होंने साफ कहा कि जाति के नाम पर अलग-अलग बैठकें या कार्यक्रम भाजपा की विचारधारा से मेल नहीं खाते।
विधानसभा सत्र के दौरान हुई बैठक पर आपत्ति
हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा आयोजित कथित विशेष भोज और बैठक में समाज विशेष से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी। पार्टी नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित नेताओं से बातचीत की है और उन्हें भविष्य में सतर्क रहने की हिदायत दी है।
दोहराव पर होगी कार्रवाई
पंकज चौधरी ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से समाज में गलत संदेश जाता है। यदि भविष्य में किसी जनप्रतिनिधि ने ऐसी गतिविधि दोहराई, तो पार्टी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा विकास और राष्ट्रवाद की राजनीति कर रही है, जबकि सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां आज भी जाति आधारित राजनीति में उलझी हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में ऐसी पार्टियों की जमीन कमजोर हो रही है, इसी कारण वे भाजपा के खिलाफ बयानबाजी कर रही हैं।
पार्टी अनुशासन पर जोर
पंकज चौधरी ने दोहराया कि भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों को पार्टी की मर्यादा और अनुशासन में रहकर काम करना चाहिए। किसी भी तरह के नकारात्मक नैरेटिव का हिस्सा बनने से बचना ही पार्टी और जनप्रतिनिधियों के हित में है। भाजपा नेतृत्व ने साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी के भीतर जाति आधारित गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे मामलों में आगे सख्त रुख अपनाया जाएगा।





