नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुए अपने व्यवहार को लेकर विवादों में आ गए हैं। आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में एक महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला अब देश की सीमाओं से बाहर पहुंच गया है। खाड़ी देशों के मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस वीडियो को लेकर तीखी बहस देखी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला डॉक्टर को नियुक्ति पत्र सौंपते समय उनके चेहरे के पास हाथ ले जाते दिखाई देते हैं। जिसके बाद विरोध और समर्थन दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इसे निजी और धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़ते हुए आपत्ति जताई, जबकि कुछ ने इसे सामाजिक सोच से जोड़कर अलग नजरिये से देखा।
खाड़ी देशों में भी उठे सवाल
यह विवाद अब केवल भारतीय मीडिया तक सीमित नहीं रहा। तुर्की, कतर समेत खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में सोशल मीडिया यूजर्स इस घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसे भारत में अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में देखा गया। पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर भी इस वीडियो को साझा करते हुए टिप्पणियां की गईं। खाड़ी देशों के कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने यह सवाल भी उठाया कि लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहे वरिष्ठ नेता से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा
अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क अल जज़ीरा ने इस घटना का उल्लेख करते हुए इसे भारत में चल रही सामाजिक-राजनीतिक बहस से जोड़ा है। वहीं ‘मिडिल ईस्ट इवेंट्स’ नामक डिजिटल मीडिया मंच ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए चर्चा को और तेज कर दिया।
फिलहाल इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या बिहार सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि वायरल वीडियो ने देश और विदेशदोनों जगह राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस जरूर छेड़ दी है।





