नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हर साल बजट के दिन करोड़ों लोग उम्मीद लगाए बैठते हैं कि इस बार टैक्स में राहत मिलेगी, महंगाई पर लगाम लगेगी या रोजगार के नए अवसर बनेंगे। लेकिन इस बार बजट से पहले ही सरकार ने आम जनता को एक खास मौका दिया है। केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 की तैयारी में नागरिकों को सीधे शामिल करने का फैसला किया है, ताकि लोगों की जरूरतें और सुझाव बजट की प्राथमिकताओं में जगह पा सकें। सरकार का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब नीति निर्माण में आम नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो।
MyGov के जरिए रख सकते हैं अपनी राय
वित्त मंत्रालय ने MyGov प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे बजट को लेकर अपने सुझाव साझा करें। सरकार जानना चाहती है कि आम लोग किन चीजों को सस्ता देखना चाहते हैं और किन क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने की जरूरत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, टैक्स, रोजगार, महंगाई, स्टार्टअप, किसान और मध्यम वर्ग जैसे विषयों पर लोग खुलकर अपनी राय रख सकते हैं।
इसके लिए नागरिकों को MyGov.in वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर ही Union Budget 2026-27 से जुड़ा लिंक या बैनर मिलेगा। उस पर क्लिक करने के बाद मोबाइल नंबर के जरिए लॉग-इन किया जा सकता है। लॉग-इन के बाद एक कमेंट बॉक्स खुलेगा, जहां आप अपने सुझाव विस्तार से लिख सकते हैं। चाहें तो MyGov मोबाइल ऐप के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
बजट को कागज से जमीन पर उतारने की कोशिश
सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद बजट को केवल आंकड़ों और घोषणाओं तक सीमित न रखकर उसे आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ना है। वित्त मंत्रालय इन सुझावों का अध्ययन करेगा और उन्हें बजट निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने की कोशिश करेगा। इससे नीतियों को ज्यादा व्यावहारिक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
1 फरवरी को पेश होगा बजट
परंपरा के मुताबिक 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में देश का वार्षिक बजट पेश करेंगी। इससे पहले प्री-बजट कंसल्टेशन का दौर चल रहा है, जिसमें अर्थशास्त्रियों, उद्योग जगत, किसान संगठनों और विशेषज्ञों से चर्चा की जा रही है। अब आम नागरिकों की भागीदारी से यह प्रक्रिया और मजबूत होगी।
सरकार की यह पहल बताती है कि बजट अब सिर्फ सरकार का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ का प्रतिबिंब बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





