नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने मंत्री नितेश राणे पर करारा प्रहार किया। आजमी ने कहा कि राणे को ऐसा विभाग मिला है, जहां उनका असली काम सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ बोलना रह गया है। उनके इस तीखे बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मचा दी है।
अबू आसिम आजमी ने आरोप लगाया कि नितेश राणे लगातार मस्जिदों, बुर्के, अजान और मुस्लिम महिलाओं पर भड़काऊ बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में नफरत फैलाने और लोगों को बांटने का काम करते हैं, जो एक जिम्मेदार मंत्री के पद के अनुकूल नहीं है।
नितेश राणे पर अबू आजमी ने लगाय बड़ा आरोप
अबू आसिम आजमी ने मंत्री नितेश राणे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बार-बार मुसलमानों के धर्म और परंपराओं पर विवादित बयान देते हैं। आजमी ने कहा, “राणे कभी बुर्का, मस्जिद, लाउडस्पीकर और अजान पर टिप्पणी करते हैं, तो कभी महिलाओं को लिपस्टिक छोड़ तलवार उठाने की नसीहत देते हैं। ऐसे बयान समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।”
अबू आजमी का मंत्री नितेश राणे पर तीखा प्रहार
अबू आसिम आजमी ने मंत्री नितेश राणे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “उन्हें ऐसा पोर्टफोलियो दिया गया है, जिसका काम सिर्फ मुसलमानों पर बोलना रह गया है। यह व्यक्ति बेहद घटिया सोच रखता है और हमेशा विवादित बयान देता है।” आजमी ने कहा कि ऐसी मानसिकता वाले व्यक्ति को मंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है।
”सरकारें नपुंसक हो गई हैं क्या”
एक मीडिया चैनल से बातचीत में अबू आसिम आजमी ने सरकार और पुलिस को चेताते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगर कोई व्यक्ति हेट स्पीच करता है, तो सरकारों को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। अदालत ने यहां तक कहा था कि, क्या सरकारें नपुंसक हो गई हैं, जो ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं करतीं?”
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का दिया हवाला
अबू आसिम आजमी ने कहा कि महाराष्ट्र में हर दिन नफरत फैलाने वाले बयान दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन चुप है। उन्होंने मांग की कि सरकार और पुलिस सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत सख्त कार्रवाई करें, ताकि ऐसे मामलों पर लगाम लगे और भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
अबू आज़मी की मांग और चेतावनी
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने सरकार पर जमकर हमला बोला और नितेश राणे की आलोचना की। उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति जो कभी विधायक था और अब मंत्री है, अगर वह कहता है कि यह हिंदू राष्ट्र है तो उसे शर्म आनी चाहिए।”
अबू आजमी ने मांग की कि जो लोग मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैला कर समाज को तोड़ने की कोशिश करते हैं, उन्हें मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।





