नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सोशल मीडिया पर अपने ’10 रुपए वाला बिस्कुट कितने का है जी…’ डायलॉग से रातों-रात सनसनी बने कंटेंट क्रिएटर शादाब जकाती अब बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। एक वीडियो को लेकर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है, जिसमें अश्लीलता और एक नाबालिग बच्ची को वीडियो का हिस्सा बनाने का गंभीर आरोप है। क्रिकेटर रिंकू सिंह और रैपर बादशाह जैसे सितारों का समर्थन पा चुके शादाब जकाती पर अब शोहरत के बीच नैतिकता और कानून के उल्लंघन का ग्रहण लग गया है।
क्या है पूरा विवादित मामला?
कानूनी शिकंजे में फंसा यह वीडियो कथित तौर पर एक दुकानदार और एक छोटी बच्ची के बीच बिस्कुट खरीदने को लेकर फिल्माया गया है, जिसमें शादाब खुद एक किरदार निभा रहे हैं।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस कॉमेडी रील में इस्तेमाल की गई भाषा और संवाद आपत्तिजनक हैं, जो समाज में अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं।मामले की संवेदनशीलता तब बढ़ गई जब इसमें एक नाबालिग लड़की को शामिल करने की बात सामने आई। लोगों ने सोशल मीडिया पर इस कृत्य को लेकर POCSO (बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शोहरत बनाम नैतिकता: सोशल मीडिया पर बवाल
इस मामले ने सोशल मीडिया को दो हिस्सों में बाँट दिया है। जहां एक तरफ शादाब के लाखों प्रशंसक उनका देसी अंदाज और कॉमेडी स्टाइल पसंद कर रहे हैं।दूसरी ओर लोग बच्चों के इस्तेमाल और अश्लीलता के कारण वीडियो पर आपत्ति जता रहे हैं।विशेषज्ञों और सोशल मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि वायरल कंटेंट बनाते समय नैतिक और कानूनी सीमाओं का ध्यान रखना जरूरी है, विशेषकर जब नाबालिग शामिल हों।
शादाब के समर्थक इसे मात्र कॉमेडी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। माना जा रहा है कि पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी राय लेने के बाद ही POCSO एक्ट या अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस में कोई कार्रवाई कर सकती है।शादाब जकाती की यह घटना क्रिएटर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए बनाया गया कंटेंट किस तरह कानूनी शिकंजे में फंस सकता है।
शादाब जकाती की 10 रुपए वाला बिस्कुट रील ने उन्हें रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बना दिया था, लेकिन अब कानूनी जटिलताओं और नैतिक विवाद ने उनकी लोकप्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला यह दिखाता है कि सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन में फेम और जिम्मेदारी का संतुलन कितना अहम है।





