अजमेर, 12 जून(हि.स.)। अजमेर शहर की एक बड़ी आबादी को भीषण गर्मी में चार-पांच दिन में एक बार कम प्रेशर से मात्र एक घंटे के लिए पेयजल की सप्लाई हो रही है। 80 पार्षदों वाले शहर में उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश भागों में चार-पांच दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई की जा रही है। पेयजल विभाग और जिला प्रशासन दोनों ही के पास इसका कोई जवाब नहीं है। क्षेत्रीय भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी आए दिन जिला प्रशासन व जलदाय विभाग के इंजीनियरों को चिट्ठी ज्ञापन दे रहे हैं पर लगता है प्रशासन शासन की सुनता हो शासन में विपक्ष के नेताओं की आवाज नहीं। जानकारी के अनुसार स्मार्ट सिटी कार्य के चलते आए दिन पेयजल लाइन जेसीबी से क्षतिग्रस्त की जा रही है पर कोई भी इंजीनियर इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। उलटा इंजीनियर खुलेआम बयान दे रहे हैं कि पुष्कर रोड पर पेयजल की पाइप लाइन आगामी एक माह तक ऐसे ही टूटती रहेंगी। पुष्कर रोड पर सीवरेज की लाइन बिछाई जा रही है। सीवरेज के पाइप बिछाने के लिए सड़क को 10 फुट नीचे तक खोदा जा रहा है। जबकि जलदाय विभाग की लाइन तीन-चार फीट नीचे ही हैं। मिट्टी का बेस हटने से पेयजल की पाइप लाइन के ज्वाइंट टूट जाते हैं। इंजीनियरों के ऐसे बयानों के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी चुप है। हकीकत यह है कि 10 फिट नीचे तक सड़क खोदने के समय संबंधित विभागों के इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं रहतेे। जेसीबी का चालक और हेल्पर ही इंजीनियरों की भूमिका निभाते हैं। जेसीबी पर बैठा चालक जमीन नहीं देख पाता और पाइप लाइन टूट जाती है। पाइप लाइन की मरम्मत में पूरा दिन लगा दिया जाता है। अजमेर के उत्तर क्षेत्र के अधिकांश भागों में चार-पांच दिन में एक बार पेयजल सप्लाई होने पर लोग चाहे कितने भी परेशान हो, लेकिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और इंजीनियरों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। हिन्दुस्थान समाचार/संतोष/ ईश्वर





