नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। आजकल कई तरह के डाइट्स का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसमें एल्कलाइन डाइट, कीटो डाइट, लो जीआई डाइट और एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट भी शामिल है। इस तरह की डाइट खुद को हेल्दी और स्ट्रांग रखने के लिए ली जाती है। लेकिन इस समय सबसे ज्यादा एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट चर्चा में है। करीना कपूर की डाइटिशियन रुजुता दिवेकर ने इस डाइट को लेकर पूरी सच्चाई बताई है।
इंफ्लेमेशन प्रोसेस को बैलेंस करें
हमारे शरीर के अंदर हीलिंग पावर होती है जो हमें स्वस्थ रहती है। इंफ्लेमेशन हीलिंग प्रोसेस के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी है। अगर शरीर में किसी तरह का इन्फेक्शन ना हो या फिर बॉडी को जरूरत भी ना हो और ऐसे में इंफ्लेमेशन बढ़ जाए तो भी परेशानी हो सकती है। इंफ्लेमेशन अच्छा होता है या बुरा इसका कोई सीधा जवाब अभी तक नहीं मिला है। जब हमारे शरीर को किसी तरह का खतरा नहीं होता है और तब इन्फ्लेमेशन बढ़ जाता है तो परेशानी हो सकती है। इंफ्लेमेशन प्रोसेस को बैलेंस करना बहुत जरूरी होता है।
क्या होता है एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट ?
इंफ्लेमेशन डाइट यह आपके स्वास्थ्य ही नहीं रखता बल्कि बीमारियों का कारण भी बन जाता है। इस डाइट को फॉलो करने का सुझाव तक दिया जाता है जब इंफ्लेमेशन के लक्षण नजर आते हैं तो इन्हें मैनेज करने के लिए इस डाइट को लिया जाता है। एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में साबुत अनाज, फल, सब्जियां और भी कई चीजें शामिल रहती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आपको इस डाइट की जरूरत नहीं है को लेने का कोई मतलब नहीं है। शरीर की रिक्वायरमेंट के बिना आपको यह डाइट नहीं देना चाहिए।
घर का खाना
करीना कपूर की डाइटिशियन के मुताबिक, फिट रहने के लिए आपको डाइट कैसे लेना चाहिए वह बताती हैं। आपको घर का बना हुआ खाना खाना चाहिए। घर पर बने खाने को आपको सही समय पर खाना चाहिए। ज्यादातर लोग टीवी व्हाट्सएप देखते हुए खाना खाते हैं यह गलती बिल्कुल ना करें।
डेली एक्सरसाइज करना
एक व्यक्ति को फिट रहने के लिए डेली एक्सरसाइज करना चाहिए। कोई ऐसी एक्सरसाइज करनी चाहिए जिससे कि आपकी बॉडी रिकवर हो सके। जल्दी स्लिम स्ट्रीम दिखने के लिए आपको जरूर से ज्यादा एक्सरसाइज नहीं करना चाहिए नहीं तो तबीयत खराब भी हो सकती है।
स्लीपिंग टाइम
स्वस्थ रहने के लिए आपको 40 की उम्र के बाद अपना स्लीपिंग टाइम फिक्स कर लेना चाहिए। जब हम टीनएज में होते हैं तब सोने और जागने का समय तय नहीं होता है लेकिन एक उम्र के बाद स्लीपिंग टाइम पर ध्यान देने की जरूरत होती है।
दूसरों की डाइट पर ना दें ध्यान
एक बार ऐसा होता है कि जब हमारा डाइट असर नहीं करता है तो हम दूसरों का डाइट फॉलो करने लगते हैं। ऐसा आपको बिल्कुल नहीं करना चाहिए यह आपकी बॉडी टाइप के लिए भी ठीक नहीं हो सकता।





