नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । विनोट कांबली का स्वास्थ फिलहाल ठीक नहीं है, वह इस वक्त बेहत मुश्किल दौर से गुजर रहे है। स्वास्थ्य स्थिति तो गड़बड़ है ही और साथ में आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। इस मुश्किल घड़ी में उनकी मदद के लिए कपिल देव की 1983 विश्व कप विजेता टीम स्वस्थ होने में मदद करने आगे आई है। टीम ने उनके सामने उन्हें रिहैब भेजने का प्रस्ताव रखा है जो कि कांबली ने स्वीकार कर लिया है। और रिहैब जाने के लिए तैयार हो गए है। कांबली ने पूर्व क्रिकेटरों के प्रस्ताव का खुला समर्थन किया और इसे स्वीकार किया है, कहा कि जब तक परिवार का साथ है तब तक किसी भी चीज से डर नहीं लगाता है।
15वीं बार रिहैब में जाने को तैयार कांबली
स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे कांबली अब 15वीं बार रिहैब में जाने के लिए तैयार हुए है। इससे पहले वह 14 बार रिहैब जा चुके है। कांबली के पास धन का साधन सिर्फ बीसीसीआई की पेंशन है, जो प्रति माह 30,000 रुपये मिलती है। इस बात का खुलासा उन्होंने 2022 में खुद किया था। दो बच्चों की देखभाल करने के लिए कांबली 15वीं बार रिहैब में जाने के लिए राजी हुए हैं। हालंकि, अब उन्होंने सोचा है कि यदि रिहैब में जाने से उनकी शारीरिक और वित्तीय दोनों स्थिति में सुधार होता है, तो वह इसे एक और मौका देने के लिए सहमत हैं।
मौजूदा स्थिति को लेकर क्या बोले कांबली
कांबली से जब उनकी वर्तमान परिस्थितियों के बारे में पूछा तो उन्होंने अपनी पत्नी की तारीफ करते हुए कहा कि, बहुत बुरी कंडीशन में है। लेकिन जिस तरह से मेरी पत्नी ने सबकुछ संभाला, उन्हें सलाम है। निश्चित रूप से मुझे कोई हिचकिचाहट नहीं है रिहैब में जाने से, क्योंकि जब तक मेरे साथ मेरा परिवार है, मैं किसी भी चीज से नहीं डरता हूं। मैं इसे पूरा करूंगा और वापस आऊंगा। सुनील गावस्कर ने सबसे पहले कपिल देव की पेशकश पर अपनी राय दी थी।
दो हफ्ते पहले सुर्खियों में आए कांबली
कांबली कुछ दिनों से कापी सुर्खियों में है। दरअसल, करीब दो सप्ताह पहले जब रमाकांत आचरेकर के स्मारक के अनावरण के दौरान उनका एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में कांबली को संघर्ष करते हुए देखा गया था। उनके स्वास्थ को देखकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। वीडियो के सामने आने के बाद 48 घंटों से भी कम समय में भारतीय क्रिकेट बिरादरी कांबली की मदद के लिए एक साथ आगे आई। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज गावस्कर से लेकर कपिल देव तक ने मदद की पेशकश की थी। कपिल देव की 1983 विश्व विजेता एक साथ कांबली की मदद की बात कही थी और साथ ही वित्तीय सहायता देने का भी वादा किया गया है।
शराब की लत ने बिगाड़ी हालात
विनोद कांबली को यह स्वीकार करने में कोई गुरेज नहीं होगा कि वह अत्यधिक शराब पीने से उन्हें परेशानी हुई, क्योकि वे शराब के आदी थे। लेकिन उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में शराब की एक बूंद का भी सेवन नहीं किया है। कांबली के दोस्त और पूर्व प्रथम श्रेणी अंपायर मार्कस काउटो ने भी इस दावे की पुष्टि की थी। कांबली ने कहा, मैंने छह महीने पहले शराब पीना और धूम्रपान करना छोड़ दिया है। अपने बच्चों की खातिर ऐसा किया। मैं पहले ऐसा करता था, लेकिन अब मैंने इसे पीछे छोड़ दिया है।




