नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मड़गांव गांव में रहने वाला एक युवक उस समय हैरान रह गया जब उसे विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे मशहूर क्रिकेटर्स के कॉल आने लगे। दरअसल, जिस सिम कार्ड का वह इस्तेमाल कर रहा था, वह पहले भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार के नाम पर रजिस्टर्ड था। टेलिकॉम कंपनी द्वारा इस नंबर को पुनः जारी किए जाने के बाद युवक को कई बड़े खिलाड़ियों के कॉल आने लगे। रजत पाटीदार ने खुद फोन कर कहा कि “भाई, प्लीज… मेरा पुराना नंबर वापस कर दो!”
यह है पूरा मामला
किसान गजेंद्र बिसी के बेटे मनीष ने 28 जून को देवभोग के एक मोबाइल दुकान से जियो का नया सिम कार्ड खरीदा था। जब उसके मित्र खेमराज ने उस सिम से व्हाट्सऐप एक्टिवेट किया, तो उसमें रजत पाटीदार की प्रोफाइल फोटो और डीपी दिखने लगी। पहले दोनों ने इसे कोई तकनीकी गड़बड़ी या मज़ाक समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जब विराट कोहली, डिविलियर्स और यश दयाल के फोन कॉल आने लगे तो वे हैरान रह गए। पहले लगा कि यह सब दोस्तों द्वारा की जा रही किसी शरारत का हिस्सा है। लेकिन जब सीधे पाटीदार का कॉल आया, तो पूरी कहानी खुलकर सामने आ गई। IPL 2025 में RCB की कप्तानी कर चुके रजत पाटीदार ने खुद मनीष से सिम वापस लौटाने की नम्र गुजारिश की।
रजत पाटीदार ने खुद किया कॉल
15 जुलाई को जब खुद रजत पाटीदार ने फोन कर सीधे कहा, “भाई, मेरा सिम लौटा दो”, तो मनीष और उसका दोस्त खेमराज अब भी यही सोच रहे थे कि शायद यह किसी दोस्त की शरारत है। लेकिन जब पाटीदार ने बातचीत में पुलिस भेजने की बात कही, तो दोनों थोड़ा सतर्क हो गए। कुछ ही मिनटों में गांव में पुलिस की एक टीम आ पहुंची, जिससे यह पूरी तरह साफ हो गया कि मामला मजाक नहीं था। इसके बाद मनीष और खेमराज को इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता का एहसास हुआ। गरियाबंद की पुलिस उपाधीक्षक नेहा सिन्हा ने बताया कि दूरसंचार नीति के तहत 90 दिनों तक निष्क्रिय रहने पर सिम कार्ड बंद कर दिया जाता है और फिर उसे किसी नए ग्राहक को दे दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत यह सिम मनीष को आवंटित किया गया था।
रजत पाटीदार ने साइबर सेल को दी जानकारी
नेहा सिन्हा ने बताया कि मनीष के पास उनके संपर्क सूची में मौजूद क्रिकेटर्स के कॉल आ रहे थे। पाटीदार ने मध्य प्रदेश साइबर प्रकोष्ठ को सूचित किया कि उनका नंबर किसी और को दे दिया गया है और उसे वापस दिलाने की मांग की। पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि साइबर प्रकोष्ठ ने गरियाबंद पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मनीष और उसके परिवार से बात कर सहमति के बाद सिम कार्ड हाल ही में पाटीदार को वापस कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई कानूनी समस्या या गलती नहीं थी, बल्कि यह सामान्य दूरसंचार प्रक्रिया का नतीजा था।
मनीष और खेमराज के लिए यादगार पल
मनीष, खेमराज और उनके परिवार के लिए यह अनुभव एक फिल्मी कहानी जैसा था। खेमराज, जो विराट कोहली के बड़े प्रशंसक हैं, उसने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने ही गांव से विराट कोहली से बात करूंगा। जब एबी डिविलियर्स ने हमें फोन किया, तो वे अंग्रेजी में बात कर रहे थे, जिसे हम समझ नहीं पाए, लेकिन खुशी से भर गए।” खेमराज ने आगे बताया, “जब मनीष को फोन आते थे, तो वह फोन मुझे दे देता था। कॉल करने वाले लोग खुद को विराट कोहली या यश दयाल बताते और हमसे पूछते कि हमने पाटीदार का नंबर क्यों लिया है। हमने उन्हें बताया कि यह नया सिम है और अब यही हमारा नंबर है।”
गांव वालों की खुशी का ठिकाना नहीं
मनीष के भाई देशबंधु बिसी ने बताया कि पूरे गांव में खुशी की लहर है, क्योंकि यहां के अधिकांश लोग आरसीबी के कट्टर प्रशंसक हैं। कोहली और डिविलियर्स जैसे बड़े खिलाड़ियों से बात करना उनके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। देशबंधु ने कहा, “यह सब अभी भी एक सपने जैसा लगता है। भले ही यह सब किसी गलती या गड़बड़ी की वजह से हुआ हो, लेकिन यह बातचीत पूरी तरह से भाग्य से ही हुई है। जहां लोग उन्हें देखने का सपना देखते हैं, हमें उनसे बात करने का मौका मिला।”





