back to top
23.1 C
New Delhi
Monday, March 23, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Stop Ragging: रैगिंग एक गंभीर अपराध, न रहें चुप; जानिए कहां करनी चाहिए इसकी शिकायत?

Stop Ragging: डॉ. सुभाष अग्रवाल ने कहा कि दरअसल रैगिंग की घटनाएं सारी सीमाएं तोड़ने पर उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि भारत में रैगिंग का स्वरूप बदला लेने और पीड़ा पहुंचाने में बदल गया है।

हरिद्वार, हि.स.। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकत्ता में जादवपुर यूनिवर्सिटी से अभी हाल ही में रैंगिग के चलते आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। कथित तौर पर बताया जा रहा है कि यहां पर एक प्रथम वर्ष के युवक ने रैगिंग के चलते कॉलेज की छत से कूदकर जान दे दी। हालांकि, अभी साफ नहीं है कि युवक की मृत्यु कैसे हुई लेकिन फिलहाल, इसे रैगिंग से जुड़ा माना जा रहा है। इस मामले में पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। हमारे देश में ऐसे ही कई रैगिंग के चलते आत्महत्या करने की खबरें सामने आती रहती हैं रैगिंग से कैसे बचा जाए और उसकी शिकायत कहां करनी चाहिए। इसके बारे में हरिद्वार स्थित चमनलाल महाविद्यालय में रैगिंग निषेध समिति के तत्वावधान में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। विशेष व्याख्यान में अधिवक्ता और शिक्षाविद डॉ. सुभाष अग्रवाल ने कहा कि रैगिंग गंभीर प्रकृति का अपराध है। रैगिंग में शामिल होने वाले युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि रैगिंग के मामलों में चुप न रहें, सही जगह पर शिकायत जरूर करें।

ऐसे सभी मामलों में तत्काल शिकायत की जानी चाहिए

मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष अग्रवाल ने कहा कि दरअसल रैगिंग की घटनाएं सारी सीमाएं तोड़ने पर उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि भारत में रैगिंग का स्वरूप बदला लेने और पीड़ा पहुंचाने में बदल गया है। ऐसे सभी मामलों में तत्काल शिकायत की जानी चाहिए। यदि संस्थान के स्तर पर राहत न मिले तो पुलिस में एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। विशेष व्याख्यान से पूर्व महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने कहा कि विगत दशकों में रैगिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं। रैगिंग उन जगह पर भी है जहां पर उसे नहीं होना चाहिए। रैगिंग में छात्र अक्सर एक-दूसरे की भावनाओं को नहीं समझते। पढ़े-लिखे युवाओं में ऐसी भावना नहीं होनी चाहिए जिससे किसी दूसरे को हानि हो।

हर साल रैगिंग के शिकार लोगों द्वारा आत्महत्या की आती हैं खबरें

प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने कहा कि यह विदेश से कॉपी की गई प्रथाओं में से एक है। शुरू में रैगिंग के पीछे का विचार हानिरहित और स्वस्थ मनोरंजन के जरिए नए और पुराने छात्रों के बीच मजबूत संबंध बनाना था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, यह प्रथा दुःस्वप्न में बदल गई। परिणामस्वरूप हर साल रैगिंग के शिकार लोगों द्वारा आत्महत्या करने, स्कूल छोड़ने और मानसिक बीमारी की खबरें आती हैं। सह-शिक्षा संस्थानों में लड़कियों के खिलाफ होने वाले रैगिंग अपराधों में सबूतों के अभाव में दोषियों को दंडित नहीं किया जा पाता है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में रैगिंग पर हर स्तर पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि हिंसक रैगिंग के कारण कई मौतें हुई हैं

Advertisementspot_img

Also Read:

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर केस दर्ज होने से साधु-संतों में नाराजगी, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ अदालत के निर्देश पर FIR दर्ज होने के बाद संत समाज में असंतोष और चिंता का माहौल...
spot_img

Latest Stories

सुबोध नाम का मतलब- Subodh Name Meaning

सुबोध नाम का मतलब – Subodh Name Meaning: Simple...

TT अगर रिश्वत मांगे तो तुरंत ऐसे करें शिकायत, बेहद आसान है तरीका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एक जगह से दूसरी जगह जाने...

West Bengal Assembly Election 2026: Diamond Harbour सीट पर BJP के लिए कड़ी चुनौती, TMC का रहा है दबदबा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में...

अपने घर का सपना होगा पूरा, जानिए Pradhan Mantri Awas Yojana में कैसे करें आवेदन?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) भारत...

Virat Kohli vs Rohit Sharma: IPL में बतौर ओपनर किसने सबसे ज्यादा रन जड़े हैं? आंकड़े देखकर हैरान हो जाएंगे

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। क्रिकेट लवर्स के लिए एक बार...

Google में नौकरी पाना है आसान, इस प्रॉसेस को फॉलो करेंगे तो इंटर्नशिप पर बरसेंगे लाखों रुपये

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Google जैसी बड़ी और वैश्विक कंपनी...

असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं लेकिन नहीं पता UGC NET दें या CSIR NET? जानिए दोनों में क्या है अंतर

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जो छात्र असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵