नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरियाणा विधानसभा सत्र में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीति गरमा गई है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को पहले यह साफ करना चाहिए कि अविश्वास प्रस्ताव लाने का असली आधार क्या था। उन्होंने कहा कि बिना ठोस वजह के ऐसा प्रस्ताव लाना और फिर वोटिंग से पहले सदन छोड़ देना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दिखाता है। महिपाल ढांडा ने कहा कि कांग्रेस लगातार बेतुके मुद्दों पर राजनीति कर रही है। पार्टी का नेतृत्व खुद भ्रम में है और जब नेता ही कन्फ्यूज हों, तो कार्यकर्ताओं को सही दिशा नहीं मिल सकती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि एक नेता पूरे संगठन को नुकसान पहुंचा रहा है।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान खतरे में नहीं है, बल्कि राहुल गांधी की सोच खतरनाक है। ढांडा ने ऑर्डिनेंस फाड़ने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे कांग्रेस की मानसिकता साफ झलकती है। प्रदेश अध्यक्ष के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह संगठन का अंदरूनी मामला है।
स्कूलों की छुट्टियों पर क्या बोले मंत्री
सर्दी और प्रदूषण के कारण स्कूलों में छुट्टियों को लेकर पूछे गए सवाल पर महिपाल ढांडा ने कहा कि हालात को देखते हुए जरूरत पड़ने पर सही समय पर फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस द्वारा बीजेपी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को करीब पांच घंटे की लंबी बहस के बाद खारिज कर दिया गया। बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर जमकर हमला बोला और बाद में सदन से बहिर्गमन कर दिया।
अविश्वास प्रस्ताव हुआ खारिज
गौरतलब है कि हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस द्वारा बीजेपी सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को करीब पांच घंटे की लंबी बहस के बाद खारिज कर दिया गया। बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर जमकर हमला बोला और बाद में सदन से बहिर्गमन कर दिया। बहस के दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की जनता इस सरकार से पूरी तरह तंग आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था खराब है, बेरोजगारी चरम पर है और किसान लगातार परेशान हैं। हुड्डा का कहना था कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इन मुद्दों पर सदन में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अविश्वास प्रस्ताव भले ही गिर गया हो, लेकिन इसने हरियाणा की राजनीति में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।





