नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने हाल ही में कोर्ट से राहत मिलने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों में उन्हें अदालत से बड़ी राहत मिली है और इसके तुरंत बाद उन्होंने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। बृजभूषण ने सीधे तौर पर उन लोगों को चेताया है जो उनके खिलाफ साजिश रचने में शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कानूनों के दुरुपयोग पर लगाम लगे। पूर्व सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि जिन लोगों ने उन्हें फंसाने की कोशिश की, आज उनकी स्थिति सबके सामने है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस पर कसा तंज
भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने कहा, “कांग्रेस के भूपेंद्र सिंह हुड्डा सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन 11 बजे के बाद वो संतरी भी नहीं बन पाए।“ अपने अंदाज में चेतावनी देते हुए सिंह ने आगे कहा, “हम हनुमान जी के भक्त हैं। जो गलत करेगा, वह अपने कर्मों का फल जरूर पाएगा।”
इस फैसले पर बृजभूषण सिंह के बेटे और कैसरगंज से सांसद करण भूषण सिंह ने भी अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा, “यह फैसला न्याय और सच्चाई की निर्णायक जीत है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता। न्यायपालिका जिंदाबाद, नेताजी जिंदाबाद!”
पटियाला हाउस कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह केस में क्लोजर रिपोर्ट को दी मंज़ूरी
बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ी पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोमती मनोचा ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को औपचारिक रूप से स्वीकार किया है। इससे पहले, न्यायाधीश मनोचा ने 17 मई को उस पहलवान को तलब किया था, जिसने बृजभूषण शरण पर गंभीर आरोप लगाए थे। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वह 26 मई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को 550 पन्नों की एक विस्तृत क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें कहा गया कि आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिले। इस रिपोर्ट का पीड़िता या उसके पिता ने विरोध नहीं किया। 1 अगस्त 2023 को दोनों ने बंद कमरे में अदालत के समक्ष बयान देते हुए पुलिस जांच पर संतोष जाहिर किया और रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इससे पहले, 4 जुलाई 2023 को अदालत ने शिकायतकर्ता से इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया मांगी थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश छवि कपूर की अदालत में बंद कमरे में हुई थी।





