नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री को आपराधिक मामलों में 30 दिन हिरासत में रहने के बाद पद से हटाए जाने वाले विधेयक को लेकर देश भर में बवाल मचा हुआ है। केंद्र सरकार ने इससे जुड़ा बिल हाल के संसद के मॉनसून सत्र में पेश कर पास कर दिया है जो अब राष्ट्रपति के मंजूरी मिलने के बाद कानून बन गया है। वही, विपक्ष ने इस विधेयक को लोकतंत्र तरीके से चुनी गई सरकार को गिराने की बीजेपी की साजिश का हिस्सा बताया है।
इस बिल को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार कर तीखा प्रहार किया है। केजरीवाल ने कहा कि, जिस व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगे हो उसे आप अपनी पार्टी में शामिल करके उनके सारे केस हटाकर उन्हें मंत्री, डिप्टी सीएम या सीएम बना देता है, क्या ऐसे मंत्री/पीएम को भी अपना पद छोड़ना चाहिए? ऐसे व्यक्ति को कितने साल की जेल होनी चाहिए?
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने अमित शाह के हालिया बयान को एक्स पर कोट करते हुए लिखा, ”अगर किसी पर झूठा केस लगाकर उसे जेल में डाला जाए और बाद में वो दोषमुक्त हो जाए, तो उस पर झूठा केस लगाने वाले मंत्री को कितने साल की जेल होनी चाहिए?”
अमित शाह ने क्या कहा था?
दरअसल, एक न्यूज़ एजेंसी को दिए इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा है कि ”अगर कोई 5 साल से ज़्यादा सजा वाले केस में जेल जाता है और उसे 30 दिन में बेल नहीं मिलती, तो उसे पद छोड़ना पड़ेगा, कोई छिटपुट आरोप के लिए पद नहीं छोड़ना पड़ेगा। मगर जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, या पांच साल से ज़्यादा सजा के आरोप हैं, ऐसे मंत्री, CM या PM जेल में बैठकर सरकार चलाएं ये कितना उचित है?”
”केजरीवाल ने नैतिकता नहीं दिखाई”
अमित शाह ने AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि हाईकोर्ट में जब यह केस गया कि केजरीवाल जेल में हैं, तो उन्हें पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए। तब कोर्ट ने कहा था कि नैतिकता के आधार पर उन्हें पद छोड़ देना चाहिए, लेकिन अभी के कानून में उन्हें पद से हटाने का कोई प्रावधान नहीं है।
मै राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार हुआ – अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने शाह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ”राजनीतिक षड्यंत्र के तहत झूठे केस में फंसाकर जब केंद्र ने मुझे जेल भेजा तो मैंने जेल से 160 दिन सरकार चलायी।”
अब दिल्ली के हालात बिगड़ गए- अरविंद केजरीवाल
दिल्ली की मौजूदा बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि, दिल्ली में पिछले 7 महीनों में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अब लोग “जेल वाली सरकार” को याद कर रहे हैं। केजरीवाल का दावा है कि उस समय बिजली कटौती नहीं होती थी, पानी की आपूर्ति भरपूर थी और अस्पतालों व मोहल्ला क्लीनिकों में मुफ्त दवाइयां और टेस्ट की सुविधा मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज बारिश में दिल्ली का बुरा हाल हो जाता है और प्राइवेट स्कूलों को मनमानी की खुली छूट मिल गई है।





