back to top
29.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन पर असदुद्दीन ओवैसी बोले- इस बार घर में घुसकर मारना नहीं बल्कि घर में घुस के बैठ जाओ’

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा,“इस बार घर में घुसकर मारो नहीं घर में घुसकर बैठ जाओ।

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर भारत सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा, “इस बार घर में घुसकर मारो नहीं, घर में घुसकर बैठ जाओ। बार-बार टेररिस्ट अटैक नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने केंद्र सरकार से कहा कि पाकिस्तान को अब साफ संदेश देना चाहिए कि भारत आतंकवाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी, सरकार के हर सख्त कदम का समर्थन करेगी।

जाति जनगणना पर फिर उठाई आवाज: “2029 से पहले रिपोर्ट आए

ओवैसी ने गुरुवार को एक बार फिर जाति आधारित जनगणना (कास्ट सेंसस) को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की। उन्होंने पूछा, “क्या 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होगी? AIMIM प्रमुख ने कहा कि जाति जनगणना जरूरी है ताकि यह पता चल सके कि देश में किन जातियों की हालत बेहतर हुई है और किन्हें अभी भी मदद की ज़रूरत है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब जाति जनगणना की बात होती है तो बीजेपी के बड़े नेता डराने वाले नारे लगाते हैं, बंटेंगे तो कटेंगे।

पसमांदा मुसलमानों पर BJP से सवाल

ओवैसी ने BJP से यह भी पूछा कि पसमांदा मुसलमानों के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ बातें करने से कुछ नहीं होगा, सरकार को टाइमलाइन देकर बताना होगा कि उसने कब क्या किया। उन्होंने कहा कि केरल में हुई एक आरएसएस बैठक में भी जाति जनगणना की बात हुई थी। “अगर आरएसएस भी यह मानती है कि जाति जनगणना होनी चाहिए, तो फिर सरकार इसमें देरी क्यों कर रही है?” उन्होंने मांग की कि सरकार बताए कि जनगणना कब शुरू होगी, कब पूरी होगी और उसका डेटा जनता के सामने कब आएगा। असदुद्दीन ओवैसी एक ओर आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जातिगत न्याय और समानता के लिए जाति जनगणना को समय से पहले लागू करने पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम देश की सामाजिक संरचना को समझने और सही नीतियाँ बनाने के लिए बेहद जरूरी है।

Advertisementspot_img

Also Read:

UP Politics: पल्लवी पटेल से बात बिगड़ी, क्या अब बसपा के सहारे चलेंगे ओवैसी?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से भी कम समय बचा है और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी...
spot_img

Latest Stories

2027 चुनाव से पहले पश्चिमी UP पर सपा का फोकस, दादरी से अखिलेश यादव शुरू करेंगे अभियान

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा...

Share Market Today: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, 873 अंक टूटा Sensex, Nifty भी 254 अंक फिसला

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार...

डोनाल्ड ट्रंप का Section 301: क्या है ये कानून, जिससे भारत-चीन सहित 16 देशों पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका में Donald Trump प्रशासन ने...

20 साल से इसी दिन का इंतजार था: कौन है कमल सिंह जामवाल? जिसने फारूक अब्दुल्ला पर तान दी बंदूक

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल...

बालों ने कर दिया है परेशान, तो घर पर बनाए इन चीजों से सिरम

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। बाल औरत की खूबसूरती का...

Vastu Tips: आज गुरुवार के दिन करें ये उपाय, किस्मत का खुल जाएगा बंद ताला

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज गुरुवार का दिन बहुत...