नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। हरियाणा के एक साइक्लोथॉन कार्यक्रम में बड़ा विवाद सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा पुलिस के डीएसपी जितेंद्र सिंह राणा ने बीजेपी नेता मनीष सिंगला को पहचान नहीं पाया और मंच से नीचे उतरवा दिया। इसके बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें डीएसपी राणा सार्वजनिक रूप से मनीष सिंगला से माफी मांगते नजर आए। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।
बीजेपी नेता ने कर दी माफी
बीजेपी नेता मनीष सिंगला ने मामले को यहीं खत्म करते हुए डीएसपी को माफ कर दिया। सिंगला ने कहा कि यह सब अनजाने में हुआ और उन्होंने हरियाणा पुलिस के प्रति अपना सम्मान भी व्यक्त किया।
राजनीतिक माहौल गर्माया
दीपेंद्र हुड्डा के बयान के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस का कहना है कि यह घटना साफ तौर पर दिखाती है कि किस तरह सरकार का दबाव प्रशासन पर बनाया जा रहा है। वहीं, बीजेपी की तरफ से अब तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या है पूरा मामला?
हरियाणा के सिरसा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साइक्लोथॉन यात्रा कार्यक्रम के दौरान बड़ा विवाद सामने आया। कार्यक्रम में पहुंचे उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल के बेटे और बीजेपी नेता मनीष सिंगला को, जींद जिले के डीएसपी जितेंद्र कुमार राणा ने सुरक्षा प्रबंधों के तहत स्टेज से नीचे उतरवा दिया। इस घटना के बाद, बीजेपी के जिला महामंत्री अमन चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें डीएसपी जितेंद्र राणा सार्वजनिक रूप से मनीष सिंगला से माफी मांगते नजर आए। डीएसपी राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में उनके व्यवहार से किसी की भावनाएं आहत हुईं, इसके लिए वह क्षमा चाहते हैं। वहीं, मनीष सिंगला ने भी कहा कि अब उनके बीच कोई विवाद नहीं है और डीएसपी द्वारा माफी मांगने के बाद मामला समाप्त हो गया है।
कांग्रेस ने हरियाणा सरकार पर बोला हमला
इस घटना पर कांग्रेस के रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “सत्ता का नशा और अहंकार भाजपा नेताओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। मुख्यमंत्री के करीबी नेता अब पुलिस अधिकारियों से भी माफी मंगवा रहे हैं। सरकार और वर्दी की गरिमा तार-तार हो रही है।” इस मामले के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस घटना को पुलिस और प्रशासन पर भाजपा के दबाव का उदाहरण बता रही है। वहीं, बीजेपी की तरफ से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।





