नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क । कल इटावा के दांदरपुर गांव में बवाल करने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया, जिसमें करीब दो दर्जन आरोपियों को प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया। कई गाड़ियों को भी सीज किया गया, जिनपर आरोप है कि, गगन यादव नाम के शख्स द्वारा संचालित संगठन के लोगों ने पुलिस पर पथराव किया था। जिसे लेकर अब गगन यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए रिएक्ट किया है?
इटावा के दांदरपुर गांव में बवाल करने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया है, जिसपर गगन यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा कि, कल इटावा में हालात बिगड़ने के बाद कुछ युवाओं को प्रशासन ने मौके पर गिरफ्तार कर लिया, मुझे नहीं पता की ये कहां से हैं, इनकी गलती क्या है, लेकिन मैं इतना समझता हूं की समाज के सम्मान में ये सब मैदान में थे। ऐसे ही युवा साथी तब भी सड़को पर होते हैं, जब देश में कोई बड़ा आंदोलन होता है। ऐसे ही युवाओं का जोश चुनाव की रैलियों की खूबसूरती को भी बढ़ाता है। लेकिन ऐसे ही युवा जो बाद में मुकदमों का सामना करते हैं और अंत में सभी नेताओं द्वारा दुख की घड़ी में नजरअंदाज़ कर दिए जाते है। इनकी जिम्मेदारी कोई नहीं लेता।
गगन यादव ने आगे कहा अगर आगरा में उच्च अधिकारियों ने मुझे नज़रबंद ना किया होता, तो मैं इटावा पहुंचता और शायद ऐसी घटना ना होती। पंचायत में सबसे पहले इनका मार्गदर्शन किया जाता यह बताकर कि ‘जरूरी नहीं हर लड़ाई लाठी डंडों से जीती जाए, कुछ लड़ाईयां मोहब्बत से भी जीत ली जाती हैं। इसके आगे गगन यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इन युवाओं को देखते हुए आज मुझे दुख हो रहा हैं, लेकिन मैं इनका भविष्य ख़राब नहीं होने दूंगा। चाहे इनको छुड़वाने के लिए मुझे स्वयं की गिरफ़्तारी क्यों न देनी पड़े। मैं यह भी चाहता हूं कि देश में जो जातीय हिंसा पैदा हुई है, वो अब समाप्त हो जाए। नहीं तो हम मान-सम्मान के चक्कर में राजनीति का शिकार हो जाएंगे।
फिलहाल, उत्तरप्रदेश प्रशासन से मैं इन युवाओं को जेल से छोड़ने की “निवेदन” करता हूं इसकी कोई भी क़ीमत चुकाने के लिए तैयार हूं। मैं ऐसा इंसान नही जो दंगे भड़काए या करवाएं। ना मैं ऐसा व्यक्ति हूं जो बुरे वक़्त में किसी को छोड़ कर अपना देखें और आराम करे।
बता दें कि,गगन यादव इंडियन रिफोर्मेर्स नामक संस्था के फाउंडर और अध्यक्ष है । जिसमें संस्था की मांग है कि भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट हो, गगन यादव खुद को समाजवादी विचारधारा वाले युवा नेता बताते है। हालांकि, वो अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने इसको लेकर भी एक पोस्ट किया है जिसमें लिखा है मैं तो योगेश्वर श्री कृष्ण की अलबेली सरकार का सदस्य हूं।





