नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। झारखंड पुलिस ने मंगलवार सुबह कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू को एनकाउंटर में मार गिराया। अमन साहू डॉन लॉरेंस बिश्नोई का करीबी था और झारखंड सहित कई राज्यों में आतंक का पर्याय बन चुका था। हाल ही में एनटीपीसी के डीजीएम हत्याकांड में उसका नाम सामने आया था।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
रांची पुलिस की टीम रायपुर से पूछताछ के लिए अमन साहू को रिमांड पर रांची ला रही थी। इस दौरान पलामू में पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। तभी अमन साहू ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे एनकाउंटर में मार गिराया। इस मुठभेड़ में झारखंड पुलिस का एक जवान भी घायल हुआ है।
जेल से ऑपरेट करता था गैंग
अमन साहू भले ही जेल में बंद था, लेकिन वह वहीं से अपने गैंग का संचालन कर रहा था। उसकी सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एनकाउंटर से महज 15 घंटे पहले उसके फेसबुक अकाउंट से प्रोफाइल तस्वीर बदली गई थी। पुलिस के मुताबिक, हाल ही में रांची में एक कोयला कारोबारी पर हुई फायरिंग उसी के गुर्गों ने की थी। अमन साहू रांची के मतबे गांव का रहने वाला था। पहले वह हार्डकोर नक्सली था, लेकिन 2013 में उसने अपना गैंग बना लिया। उसके खिलाफ झारखंड में रंगदारी, हत्या, और एक्सटॉर्शन के 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे। कोरबा गोलीकांड के बाद रायपुर पुलिस ने उसके चार गुर्गों को गिरफ्तार किया था।
अमन साहू के काले कारनामे
07 मार्च 2025: रांची में कोयला कारोबारी विपिन मिश्रा को गोली मारी।
06 अप्रैल 2024: बर्बरीक कंपनी को धमकी दी, झारखंड में काम नहीं करने दिया जाएगा।
21 मार्च 2024: जमीन कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगी।
01 दिसंबर 2023: रामगढ़ के कुजू में ट्रांसपोर्ट कार्यालय के बाहर फायरिंग।
07 जुलाई 2023: कोयला कारोबारी रंजीत गुप्ता पर हमला।
09 मई 2023: हजारीबाग में कंपनी अधिकारी शरत कुमार की हत्या।
सोशल मीडिया पर भी था एक्टिव
अमन साहू फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी सक्रिय था। बताया जाता है कि उसका सोशल मीडिया हैंडल विदेशों से ऑपरेट किया जाता था। एनकाउंटर से महज 15 घंटे पहले उसने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वह एक बड़े सोफे पर बैठा नजर आ रहा था। इस एनकाउंटर के बाद झारखंड में सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने झारखंड पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह एनकाउंटर पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ। झारखंड पुलिस ने अमन साहू के खात्मे से एक बड़े गैंग का सफाया कर दिया है, लेकिन अब उसकी गैंग के बचे हुए सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है।





