नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर किए गए मजाक के लिए माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है। कामरा ने अपने बयान में कहा कि वह इस “भीड़” से डरते नहीं हैं और न ही विवाद के शांत होने का इंतजार करेंगे। कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं माफी नहीं मांगूंगा। मैं इस भीड़ से नहीं डरता और न ही विवाद के खत्म होने का इंतजार करूंगा।
शिवसेना कार्यकर्ताओं का विरोध और तोड़फोड़
कुणाल कामरा ने एकनाथ शिंदे का मजाक उड़ाते हुए उन्हें “गद्दार” कह दिया था, जिसके बाद शिवसेना कार्यकर्ता भड़क गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इस विरोध का रूप तब और बढ़ा जब रविवार को शो की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं ने हैबीटेट क्लब में तोड़फोड़ की, जहां कामरा का शो रिकॉर्ड हुआ था। इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन उन्हें जमानत मिल गई, और 40 शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
कुणाल कामरा ने वेन्यू को जिम्मेदार ठहराने से किया इनकार
कामरा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि शो का आयोजन करने वाले वेन्यू (हैबीटेट क्लब) को अपनी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा, “वेन्यू केवल एक मंच है, जहां विभिन्न प्रकार के शो होते हैं। यह मेरी कॉमेडी को नियंत्रित नहीं करता, न ही कोई राजनीतिक दल इस पर नियंत्रण कर सकता है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला
कुणाल कामरा ने अपने बयान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा कि “हमारा अभिव्यक्ति का अधिकार केवल ताकतवर और अमीर लोगों की तारीफ करने तक सीमित नहीं है।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक व्यक्ति पर मजाक करना गैरकानूनी नहीं है और भारत की राजनीतिक व्यवस्था खुद एक तमाशा बन गई है। कामरा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी कानूनी कार्रवाई में पुलिस के साथ सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ भी कानून समान रूप से लागू किया जाएगा।
फडणवीस और शिवसेना नेताओं की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कामरा को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे जी का अपमान किया गया है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” वहीं, शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कामरा का समर्थन किया और कहा कि “गद्दार को गद्दार कहना गलत नहीं है। कुणाल कामरा ने साफ किया कि वह अपने बयान पर माफी नहीं मांगेंगे और इस मामले में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बचाव किया। वहीं, विवाद के बीच शिवसेना और अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिससे यह मामला राजनीतिक हलकों में भी गरमाया हुआ है।





