नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 2008 के मालेगांव बम धमाके में कोर्ट का फैसला आखिरकार आ गया। 17 साल की लंबी सुनवाई के बाद एनआईए की विशेष अदालत ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
धमाके में साध्वी प्रज्ञा की बाइक इस्तेमाल हुई थी, इस बात के सबूत नहीं मिले। RDX मिलने के भी पुख्ता सबूत नहीं हैं। गवाह अपने बयान से मुकर गए, इसलिए आरोप साबित नहीं हो सके। अदालत ने कहा कि इन आरोपियों पर UAPA की धाराएं नहीं लगतीं। फैसला 19 अप्रैल को सुरक्षित रखा गया था, अब सुनाया गया। धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा घायल हुए थे।
साध्वी प्रज्ञा की भावुक प्रतिक्रिया
कोर्ट से बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा की आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा, “13 दिन तक टॉर्चर किया गया, अपमान सहा। मैं एक सन्यासी जीवन जी रही थी, फिर भी आतंकवादी बना दिया गया। 17 साल का संघर्ष आज खत्म हुआ। यह भगवा और हिंदुत्व की जीत है।
लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित ने क्या कहा?
लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित ने कोर्ट में कहा:“मैं न्यायालय का धन्यवाद करता हूं। मुझे फिर से देश सेवा का अवसर मिला है। संगठन गलत नहीं होते, उसमें बैठे कुछ लोग गलती करते हैं। अदालत ने आम आदमी का सिस्टम में विश्वास लौटाया है।
बृजलाल पूर्व DGP-UP और BJP सांसद की प्रतिक्रिया
यह कांग्रेस की साजिश थी। साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को झूठे केस में फंसाया गया था। अब सच सामने आ गया है। सोनिया गांधी और तत्कालीन गृहमंत्री शिंदे को माफी मांगनी चाहिए।
शिवसेना (शिंदे गुट) सांसद नरेश म्हस्के बोले- “सत्य की जीत हुई। 17 सालों से यह केस चल रहा था। कांग्रेस ने ‘हिंदू आतंकवाद’ का झूठ फैलाया था, आज वह बेनकाब हो गया।
उमा भारती और कमलनाथ की प्रतिक्रिया
उमा भारती भाजपा नेता “साध्वी प्रज्ञा निर्दोष साबित हुईं। यह बहुत खुशी की बात है। न्यायालय को धन्यवाद।
कमलनाथ कांग्रेस नेता “कोर्ट का फैसला अपीलेबल है। इस पर अपील होनी चाहिए।





