नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट मामले में आज 31 जुलाई 2025 को विशेष NIA कोर्ट अपना फैसला सुनाया है। इस मामले में बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित समेत 7 आरोपियों के बरी कर दिया गया है।
क्यों हुई केस में इतनी देरी?
वकील जेपी मिश्रा के अनुसार केस में देरी के कई कारण रहे शुरुआती चार्जशीट महाराष्ट्र एटीएस ने दाखिल की थी 12 आरोपियों में से 5 को कोर्ट ने डिस्चार्ज कर दिया ट्रायल का सामना अब 7 लोग कर रहे हैं 323 गवाहों की गवाही, जिसमें कई साल लग गए 2008 से 2016 तक केस में खास प्रगति नहीं हुई 2011 में केस NIA को सौंपा गया, जिसने 2016 में नई चार्जशीट दाखिल की
खबर अपडेट की जा रही है…




