नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीती रात नोएडा पुलिस की एक टीम मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में एक वांछित अपराधी कादिर को पकड़ने गई थी। इस दौरान पुलिस टीम पर स्थानीय लोगों की ओर से पथराव और फायरिंग की गई। इस हमले में एक पुलिसकर्मी को गोली लगी, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी जारी है।
अपराधी कादिर हुआ गिरफ्तार
पुलिस की कार्रवाई रंग लाई है और इस मामले के मुख्य आरोपी कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है और अन्य हमलावरों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस का बयान आया सामने
घटना को लेकर डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, “25 मई को थाना मसूरी को सूचना मिली कि थाना मसूरी के ग्राम नाहल में गौतमबुद्धनगर के एक आरक्षी सौरभ को गोली लग गई है, जिसे उसकी टीम द्वारा यशोदा अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसे डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया है।” घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य आरोपी कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। बाकी हमलावरों की भी तलाश जारी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस दल वांछित अभियुक्त कादिर को पकड़ने के उद्देश्य से गांव पहुंचा था। कादिर की पहचान नाहल गांव निवासी के रूप में हुई है। इस मामले में थाना फेस-3, गौतमबुद्धनगर के उपनिरीक्षक सचिन ने एक लिखित शिकायत दी है, जिसके आधार पर थाना मसूरी में उचित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही अन्य कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
गौर करने वाली बात यह है कि नोएडा पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और समय-समय पर एनकाउंटर की खबरें भी सामने आती रहती हैं। लेकिन गाजियाबाद में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब अपराधी पुलिसकर्मियों की जान लेने से भी नहीं डर रहे। यह न केवल चिंता का विषय है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। इस घटना के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या गाजियाबाद में अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो गया है?





