नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब वह दुनिया को पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई का कारण बताएगी। इसके लिए सरकार ने सभी दलों के सांसदों की 7 टीमें बनाई हैं। हर टीम में 5 सांसद होंगे और वे अलग-अलग देशों का दौरा करेंगे। खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देशों से बात की जाएगी।
कौन-कौन सांसद होंगे शामिल?
शशि थरूर (कांग्रेस)
सुप्रिया सुले (NCP-SP)
रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा (भाजपा)
कनिमोझी (DMK)
संजय कुमार झा (JDU)
श्रीकांत शिंदे (शिवसेना-शिंदे गुट)
इसके अलावा, अनुराग ठाकुर, मनीष तिवारी, सलमान खुर्शीद, असदुद्दीन ओवैसी और कई अन्य सांसदों के नाम पर विचार हो रहा है।
थरूर की टिप्पणी पर कांग्रेस नाराज
ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने 8 मई को केंद्र सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि यह कार्रवाई पाकिस्तान और पूरी दुनिया के लिए एक कड़ा संदेश है। 14 मई को हुई CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) की बैठक में कई नेताओं ने थरूर के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने पार्टी की ‘लक्ष्मण रेखा’ पार की है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 टूरिस्ट्स की हत्या कर दी थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में एयरस्ट्राइक की। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया और करीब 100 आतंकियों को मार गिराया गया। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया. इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद 7 मई की रात भारत ने जवाबी हमले में ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को अपना निशाना बनाया और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत ने बेकसूर लोगों, मस्जिदों और बच्चों को अपना निशाना बनाया, जो पूरी तरह झूठ था. भारतीय सेना ने साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद सिर्फ आतंकवाद को खत्म करने का था और आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया।





