नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार आज 22 मार्च 2025 अपना 113वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं ने बिहारवासियों को शुभकामनाएं दीं।
पीएम मोदी बोले- बिहार के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,”वीरों और महान विभूतियों की पावन धरती बिहार के अपने सभी भाई-बहनों को बिहार दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।” उन्होंने आगे कहा कि बिहार आज अपनी विकास यात्रा के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और इसमें बिहारवासियों की अहम भागीदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बिहार के चौतरफा विकास के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बिहार को बताया ज्ञान और विकास का केंद्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी बिहारवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा,”बिहार की धरती प्राचीन काल से ही ज्ञान और विकास का केंद्र रही है। बिहार के निवासी अपनी प्रतिभा और परिश्रम के बल पर विकसित बिहार और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देते रहेंगे।
गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार की ऐतिहासिक विरासत को सराहा
गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार को ज्ञान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की भूमि बताते हुए कहा,”इतिहास से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक बिहार ने हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बिहार को प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए NDA सरकार प्रतिबद्ध है।
जेपी नड्डा ने कहा- बिहार के परिश्रमी लोगों का योगदान प्रणम्य
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिहार की सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सलाम करते हुए लिखा, “भगवान बुद्ध और महावीर की तपोस्थली बिहार ने अपने ज्ञान, दर्शन और अध्यात्म के प्रकाश से सदैव संपूर्ण विश्व को आलोकित किया है। बिहार के परिश्रमी भाई-बहनों का योगदान प्रणम्य है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दी शुभकामनाएं
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिहारवासियों को बधाई देते हुए लिखा, “संस्कृति, ज्ञान और सभ्यता की महान धरा बिहार के स्थापना दिवस पर राज्य के सभी वासियों को शुभकामनाएं। मेरी अभिलाषा है कि यह प्रदेश निरंतर खुशहाली और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे। बिहार दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन साल 1912 में बिहार को बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य बनाया गया था। इस खास मौके पर पूरे बिहार में संस्कृतिक कार्यक्रमों, रैलियों और सरकारी आयोजनों का आयोजन किया जाता है। बिहार की धरती हमेशा से वीरों, विद्वानों और क्रांतिकारियों की जननी रही है। आज का दिन बिहार के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव मनाने का दिन है।





