नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उप-राष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात के बाद शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बड़ा बयान दिया है। जहां ठाकरे ने कहा कि, एनडीए के वे सांसद जो देश से सच्चा प्यार करते हैं, उन्हें रेड्डी को वोट देकर लोकतंत्र की सच्ची सेवा करनी चाहिए। उद्धव ने कहा, चमत्कार की कोई सीमा नहीं होती।
उद्धव ठाकरे ने इस दौरान उप-राष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, उपराष्ट्रपति अचानक गायब हो गए, इसलिए यह चुनाव हो रहा है। हमें संविधान के अनुसार काम करने वाला उप-राष्ट्रपति चाहिए। इसमें शिवसेना प्रमुख ने स्पष्ट कहा, आज मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन करूंगा और उनसे आग्रह करूंगा कि वे बी सुदर्शन रेड्डी को समर्थन दें। इस बयान से अब राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने भी कहा, उद्धव ठाकरे के समर्थन के बिना विपक्ष में मेरी उम्मीदवारी पर आम सहमति संभव नहीं थी।
बीते कुछ दिनों से इस चुनाव को लेकर सियासी दबाव और बातचीत तेज हो गई है। भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का मुकाबला सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी से है। तमिलनाडु के राज्यपाल राधाकृष्णन को अभी तक जीत के प्रबल दावेदार माना जा रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी विपक्षी दिग्गजों शरद पवार और उद्धव ठाकरे से राधाकृष्णन के पक्ष में समर्थन की अपील की थी, लेकिन ठाकरे का अब यह बयान नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि,जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक उप-राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने उप-राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। मतदान 9 सितंबर को होगा। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो वर्तमान संख्याबल के चलते सीपी राधाकृष्णन के जीतने के आसार ज्यादा हैं, लेकिन उद्धव ठाकरे के बयान से सियासी समीकरणों में बदलाव आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।





