नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज हम एक ऐसी आईएएस अधिकारी की प्रेणादायक कहानी की चर्चा करेंगे, जो मध्य प्रदेश के सतना के एक गांव में रहती थी। उन्होंने यही से अपनी 12वीं तक की पढाई हिंदी मीडियम स्कूल से पूरी की थी। गांव में कोचिंग सेंटर और ट्यूशन की सुविधा न होने के बावजूद भी सुरभि गौतम ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। उन्होंने सेल्फ स्टडी करके ये अंक हासिल किए थे। सुरभि गौतम अपने गांव से बाहर निकलकर शहर में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करना चाहती थी। इसके लिए उनके माता पिता दोनों ने खूब साथ दिया।
अंग्रेजी में पकड़ कमजोर होने के कारणा काफी मजाक भी बना
उनके पिता मध्य प्रदेश के सिविल कोर्ट में वकील थे और मां एक शिक्षिका थी। जिसके कारण उनके घर में पढाई लिखाई का माहौल पहले से ही था। जब सुरभि गौतम ने स्टेट इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी की और इसकी परीक्षा दी तो उनका भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज में चयन हो गया था। इसके बाद सुरभि गौतम ने भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशंस में बीटेक की पढाई पूरी की थी। यही नहीं उन्होंने भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज में टॉप किया था।
लेकिन यह इतना आसान नहीं था, गांव से अपनी पढाई पूरी करने के बाद, जब सुरभि गौतम भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढाई करने के लिए गई थी, तो अंग्रेजी में पकड़ कमजोर होने के कारण उनका काफी मजाक भी बना था। एक दिन तो उनके कॉलेज में फिजिक्स के प्रोफेसर ने उनके 12वीं के मार्क्स पर सवाल उठा डाला था, उन्होंने कहा था कि आपने 12वीं में इतने मार्क्स कैसे हासिल किए?
यूनिवर्सिटी द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित भी किया गया
दरअसल सुरभि गौतम हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़ी थी, जब फिजिक्स के प्रोफेसर ने उनसे अंग्रेजी में सवाल पूछा तो वह समझ नहीं पाई थी और उसका गलत जवाब दे दिया था। जिसके बाद फिजिक्स के प्रोफेसर ने उनकी शिक्षा पर ही सवाल उठा डाला था। सुरभि गौतम को यह बात बहुत बुरी लगी थी, इसके बाद वह अपनी पढाई छोड़कर गांव वापस जाना चाहती थी। लेकिन उनकी मां ने उन्हें समझाया और कहा कि आप इस तरह से हार नहीं मान सकते हो, आप हमारे गांव की लड़कियों के लिए प्रेणना का स्रोत हो। अगर आप इस तह से हार मन जाओगे तो गांव की लड़कियां कैसे आगे बढेंगी।
जिसके बाद सुरभि गौतम ने अपनी इंजीनियरिंग की पढाई के साथ साथ अंग्रेजी के लिए भी समय निकालना शुरू किया। वह रोजाना अंग्रेजी के नए नए शब्दों को सीखा करती थी। इस तरह से इंजीनियरिंग की पढाई अच्छे अंकों से पूरी की। सुरभि ने भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज में टॉप किया और उन्हें यूनिवर्सिटी द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित भी किया गया था।
वर्ष 2016 में यूपीएससी की परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल करके IAS बन गयी
इसके बाद सुरभि ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की थी। इन पास की गई प्रतियोगी परीक्षाओं में इसरो, आईईएस, बार्क, यूपीएससी आईएएस, स्टेट लेवल परीक्षाओं समेत 8 बड़े प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं। बता दें कि सुरभि गौतम ने भोपाल इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशंस में बीटेक की पढाई पूरी करने के बाद BARC में भी कुछ समय के लिए काम किया था। सुरभि गौतम ने वर्ष 2013 में आईईएस एग्जाम में टॉप किया था। उसके बाद सुरभि गौतम वर्ष 2016 मेंयूपीएससी की परीक्षा में 50वीं रैंक हासिल करके IAS बन गयी थी।
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