नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेजतर्रार और हिंदूवादी नेता उमा भारती ने अपनी राजनीतिक करियर को लेकर राजधानी भोपाल में कई बड़े खुलासे किए है। उन्होंने मीडिया के सामने खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के ‘75 की उम्र के बाद राजनीति से संन्यास’ वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने कहा कि इस बयान की गलत व्याख्या हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति एक ऐसा पेशा है, जिसमें कोई रिटायरमेंट नहीं होता।
राजनीति में सक्रियता उम्र नहीं देखती- उमा भारती
संघ प्रमुख मोहन भागवन के बयान का जिक्र करते हुए उमा भारती ने कहा, “समाज में कई ऐसे पेशे हैं जिनमें आखिरी सांस तक सेवा की जाती है, जैसे डॉक्टर, लेखक, कवि, शिक्षक, पत्रकार और राजनेता आदि। राजनीति में सक्रियता की कोई उम्र नहीं होती। भागवत का बयान शायद पद या कुर्सी को लेकर हो सकता है, लेकिन सक्रियता उम्र नहीं देखती।”
राजनीति में लंबी पारी का इरादा
जब उनसे उनके सियासी भविष्य के बारे में सवाल किया गया तो बीजेपी नेता ने दो टूक में जवाब दिया- कहा कि, “मैं अभी 15 से 20 साल और राजनीति करूंगी। और अगर मन हुआ तो चुनाव भी लड़ूंगी।”
हर दौर में प्रताड़ना का आरोप
उमा भारती ने अपने पुराने राजनीति दिनों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को हर सरकार के दौर में प्रताड़ित करने का काम किया। बिना किसी पार्टी का नाम लिए उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “1990 से 1992 के बीच मुझे सरकारी तंत्र से प्रताड़ना झेलनी पड़ी। 2013 में व्यापम घोटाले के समय भी मेरा नाम घसीटा गया। मानसिक तौर पर बहुत यातना दी गई।”
जांच एजेंसियों पर उठाए सवाल
उन्होंने जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी सवाल उठाए और कहा कि सीबीआई को यह साफ करना चाहिए कि उनका नाम व्यापम घोटाले से क्यों जोड़ा गया। उन्होंने यह भी पूछा कि कहीं उनके नाम की आड़ में असली दोषियों को तो नहीं बचाया गया?
परिवार से दूरी, सामाजिक मुद्दों पर फोकस
उमा भारती ने यह भी ऐलान किया कि, वह अब अपने परिवार से पूरी तरह अलग हो रही हैं और गंगा शुद्धिकरण, गौ-संरक्षण और शराबबंदी जैसे मुद्दों को लेकर समाजहित में लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने इन मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बताया।
सरकारों को ठोस कदम उठाने की सलाह
उमा भारत ने गंगा सफाई और गौ संरक्षण के मुद्दें को लेकर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार प्रयास कर रही हैं, लेकिन अब और ठोस और सख्त कदम उठाने होंगे। शराबबंदी पर भी उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में कठोरता दिखानी चाहिए।
पूर्व सीएम शिवराज सिंह के बारे में क्या बोलीं
सीएम मोहन यादव की तारीफ करते हुए उमा भारती ने कहा, “वो पढ़े-लिखे और अच्छे प्रशासक हैं, अच्छा कार्य कर रहे हैं।” और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा, “उस समय मुकाबला करने की बात होती थी, लेकिन कई बार ‘बचाओ, बचाओ’ जैसा माहौल बन जाता था। सहानुभूति भी मिलती थी।”





