नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने इसे भारत की विराट चेतना और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे देश के सामूहिक प्रयास का उदाहरण है।
महाकुंभ में जागृत होते भारत का प्रतिबिंब-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाकुंभ में पूरे देश की चेतना का जागरण देखने को मिलता है। उन्होंने इसे भारत के आजादी आंदोलन के अहम पड़ावों से जोड़ा। उन्होंने कहा, “1857 का स्वतंत्रता संग्राम हो, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का ‘दिल्ली चलो’ का नारा हो, या गांधी जी का दांडी मार्च-ये सभी देश को एकजुट करने वाले क्षण थे। उसी तरह, महाकुंभ भी भारत की सामूहिक शक्ति और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
स्वामी विवेकानंद का भाषण भारत की चेतना का जयघोष-PM
पीएम मोदी ने लोकसभा में स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उनके शिकागो भाषण ने भारतीयों के आत्मसम्मान को जागृत किया था, वैसे ही अयोध्या राम मंदिर और महाकुंभ के आयोजन ने देश की चेतना को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि ये आयोजन हमारे राष्ट्र को नई दिशा देने वाले क्षण हैं।
राष्ट्रीय चेतना के जागरण के विराट दर्शन-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह राष्ट्रीय चेतना के जागरण का विराट स्वरूप है। यह आयोजन संकल्पों की सिद्धि के लिए प्रेरित करता है और भारत की शक्ति को प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ने पूरी दुनिया को भारत के विशाल स्वरूप का दर्शन कराया। उन्होंने कहा, “गंगा को धरती पर लाने के लिए भागीरथ ने कठिन तपस्या की थी, वैसा ही महाप्रयास इस बार महाकुंभ में दिखा। यह आयोजन जनता के संकल्प और श्रद्धा से प्रेरित था।
लोकसभा में पीएम मोदी ने महाकुंभ की सफलता के लिए सबको दिया धन्यवाद
प्रधानमंत्री ने लोकसभा में कहा कि महाकुंभ की सफलता में प्रयागराज की जनता, उत्तर प्रदेश सरकार, सभी कर्मयोगियों और देशभर से आए श्रद्धालुओं का योगदान है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को नमन किया और आयोजन की भव्यता के लिए सबका आभार जताया। महाकुंभ केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इसे राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणादायक बताया।





