नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोमवार को चार प्रीसाइडिंग अधिकारियों और एक पोलिंग अधिकारी को निलंबित कर दिया। इन लोगों के उपर मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लगे हैं। ओडिशा में 13 मई को लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के चुनाव आयोजित किए गए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 2 आरोपित अधिकारियों को गिरफ्तार करने के भी आदेश दिए हैं।
पोलिंग अधिकारी नहीं कर सकते मतदाता को प्रभावित
सीईओ निकुंजा बिहारी धल, जिन्होंने आरोपित अधिकारियों ने नाम नहीं बताए, लेकिन कहा कि रिप्रेसेंटेशन ऑफ पिपुल एक्ट सेक्शन 129 के तहत कार्रवाई होगी। यह एक्ट पोलिंग अधिकारियों को किसी भी तरह से मतदाता को प्रभावित करने पर रोक लगाता है। धल ने गनजम जिले के कलैक्टर को दोनों अधिकारियों को निलंबित और गिरफ्तार करने के आदेश दिए है। ये दोनों अधिकारी छत्तरपुर असेंबली क्षेत्र में ड्यूटी पर थे। साथ ही धल ने एक तीसरे अधिकारी को भी निलंबित करने के आदेश दिए हैं जो गुपालपुर असेंबली क्षेत्र में ड्यूटी पर था। सीईओ धल ने कहा कि अन्य दो पोलिंग अधिकारियों को निलंबित ककरने का आदेश दे दिया गया है। जो धर्मगढ़ और छिकिति असेंबली क्षेत्र में ड्यूटी पर थे।
जिला कलेक्टर को मिले आदेश
एक मीडिया रिपोर्ट ने अनुसार, धल ने कहा कि वेब-कास्टिंग रूम से स्थिति की निगरानी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों को अधिकारियों पर एक्शन लेने के लिए आदेश दे दिए गए हैं। धल ने कहा कि जिन दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है उनके खिलाफ प्राथमिक जांच में सबूत मिले हैं।
गिरफ्तारी पर क्या बोले एसपी
गनजम एसपी, जगमोहन मीणा ने कहा कि एक बार एफआईआर दर्ज हो जाए, उसके बाद अधिकारी को अरेस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल फोकस मतदान होने के बाद पोलिंग बूथ से EVM एकत्र करने पर है। वह बोले उनका पहला काम पोलिंग बूथ से EVM एकत्र करना है।
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