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Thursday, March 12, 2026
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देवेंद्र फड़णवीस ने लगातार तीन बार BJP को जिताई सबसे ज्यादा सीटें, पार्टी के मजबूत नेता बनकर उभरे

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति ने बड़ी जीत दर्ज की है। राज्‍य में भाजपा की सफलता को राज्‍य के स्‍तर पर फड़णवीस से जोड़कर ही देखा जा रहा है।

मुंबई / रफ्तार डेस्‍क । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति ने बड़ी जीत दर्ज की है। जैसा कि सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में बीजेपी ने देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व में चुनाव लड़ा है इसलिए इस राज्‍य में भाजपा की सफलता को राज्‍य के स्‍तर पर देवेन्द्र फड़णवीस से जोड़कर ही देखा जा रहा है। इस बार की जो बंफर जीत भाजपा को मिली है, उस पर अधिकांश लोगों का यही मानना है कि देवेन्द्र फड़णवीस ने महाराष्ट्र की राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है। उन्होंने लगातार तीन बार बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें जिताईं और सतत तीन बार बीजेपी को सौ के पार पहुंचाया है । ऐसे में प्रदेश भर में ही नहीं देश भर में बात अब उनके मुख्‍यमंत्री बनने की चल रही है। अब वे मुख्‍यमंत्री बनेंगे या नहीं यह तो भविष्‍य में तय होना है, लेकिन आइए हम उनके बारे में जो महत्‍वपूर्ण है उसे जानें – 

मजबूत नेता बनकर सामने आए देवेन्द्र फड़णवीस 


दरअसल, वे महाराष्‍ट्र में भारतीय जनता पार्टी के एक समर्प‍ित कार्यकर्ता माने जाते हैं, जब उन्‍हें मुख्‍यमंत्री से उपमुख्‍यमंत्री बनने के लिए संगठन ने कहा तो उन्‍होंने इस पद को सहज स्‍वीकार कर लिया था, जबकि वे पहले 2014 में राज्‍य के मुख्‍यमंत्री रह चुके थे, लेकिन जिस तरह से 2019 में उद्धव ठाकरे ने धोखे से मुख्यमंत्री का पद उनसे हथिया था, उसके बाद से अपनी पार्टी को वे और सशक्‍त बनाने में जुट गए । उन्होंने पार्टी को पुनर्जीवित ही नहीं किया बल्‍कि महाराष्ट्र की राजनीति में वे अपनी मधुर के साथ जरूरत के अनुसार एक आक्रामक विपक्षी नेता की छवि बनाने में सफल रहे, फिर सभी समीकरणों के साथ तालमेल बैठाते हुए फिर से महाराष्‍ट्र में सरकार लेकर आए । यहां भी उन्‍होंने सरकार ने पूरी जिम्मेदारी के साथ काम किया, जिसका यह परिणाम है कि वर्ष 2014 में जब वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे तब 123 विस सीट लेकर वे राज्‍य में आए । उसके बाद 2019 में 105 सीटों पर भाजपा ने यहां से विजय श्री हासिल की । इसके बाद अभी के चुनावों में तो जैसे लग रहा है कि समुचे महाराष्‍ट्र ने खुलकर भाजपा की झोली में वोटों का अंबार लगा दिया है। भाजपा इस राज्‍य में लगातार तीसरी बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और यहां उसने 132 सीटें जीती हैं। इस संबंध में कहना होगा कि जब विधानसभा चुनावों का आगाज हो रहा था, तभी से वे महाविकास अघाड़ी के सभी दलों के निशाने पर रहे, पर परिणामों ने बता दिया कि उन्‍हें जितना निशाना बनाया गया, देवेन्द्र फड़णवीस उतने ही मजबूत नेता बनकर सामने आए हैं। 

पिता आपातकाल में गए थे जेल


देवेन्द्र फड़नवीस का जन्म 22 जुलाई 1970 को हुआ था। देवेन्द्र फड़नवीस के पिता गंगाधर फड़नवीस नागपुर से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे, वहीं उनकी मां सरिता फड़नवीस विदर्भ हाउसिंग क्रेडिट कॉर्पोरेशन की पूर्व निदेशक थीं। फड़नवीस ने अपनी स्कूली शिक्षा इंदिरा कॉन्वेंट में शुरू जरूर की लेकिन बाद में उन्‍होंने इस स्‍कूल को इसलिए छोड़ दिया, क्‍योंकि जिन इंदिरा गांधी के नाम पर यह विद्यालय था उन्‍हीं के कारण उनके पिता को आपातकाल के दौरान सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोप में जेल में डाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सरस्वती विद्यालय और फिर धरमपेठ जूनियर कॉलेज में प्रवेश लिया। उन्होंने गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, नागपुर से पांच साल की एकीकृत कानून की डिग्री हासिल की और 1992 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।1998 में डेहलेम स्कूल ऑफ एजुकेशन से बिजनेस मैनेजमेंट में मास्टर्स और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में डिप्लोमा पूरा करने के लिए वे जर्मनी भी गए थे । उन्‍होंने 2006 में अमृता फड़नवीस से शादी की और उनकी एक बेटी है।

ऐसा रहा देवेन्द्र फडणवीस का राजनीति सफर


देवेन्द्र फड़नवीस ने अपना सामाजिक जीवन का करियर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़कर शाखा कार्य के जरिए आरंभ किया और फिर आगे वे छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सक्रिय सदस्य हो गए थे । इसके बाद वे छात्र राजनीति करते-करते लोकतंत्र की राजनीति में आ गए । उन्होंने अपना पहला नगरपालिका चुनाव नागपुर के राम नगर वार्ड से जीता और 1992 में 22 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के नगरसेवक चुने गए। 1997 में, वह नागपुर नगर निगम के सबसे कम उम्र के मेयर और भारत के दूसरे सबसे कम उम्र के मेयर बने। 1999 से, देवेन्द्र फड़नवीस ने महाराष्ट्र राज्य विधान सभा में नागपुर का प्रतिनिधित्व किया है। फिर वह 2004, 2009 में विधायक चुने गये। 2013 में भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी विधायकों ने देवेंद्र फड़णवीस को विधायक दल का नेता चुना। वह 31 अक्टूबर 2014 को मुख्यमंत्री बने। वह 2014 से 2019 तक अपना पूरा कार्यकाल पूरा करने वाले महाराष्ट्र के सबसे युवा मुख्यमंत्री थे। 2021 में शिवसेना में बगावत हो गई तब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत कर बीजेपी का दामन थामा और फिर एक बार देवेन्द्र फड़णवीस राज्य के उप मुख्यमंत्री के रूप में सभी के सामने हैं। आज यह सभी के सामने है कि 2024 का महाराष्‍ट्र विधान सभा चुनाव भाजपा ने देवेंद्र फड़नवीस को आगे रखकर लड़ा है ।  

फडणवीस के सक्षम नेतृत्‍व से राज्‍य औद्योगिक उत्पादन की रैंकिंग में शीर्ष पर 


यहां महाराष्‍ट्र को लेकर कहना होगा कि क्षेत्रफल और जनसंख्या के मामले में यह राज्‍य भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है और देवेंद्र फडणवीस के सक्षम और दूरदर्शी नेतृत्व में, राज्य औद्योगिक उत्पादन की रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गया है, और खुद को आर्थिक रूप से उन्नत राज्य के रूप में स्थापित किया है। वास्‍तव में आज उन्‍होंने सच्‍चे अर्थों में जनता के सच्‍चे नेता की प्रतिष्ठा अर्जित की है। सदन के एक ऊर्जावान और अध्ययनशील सदस्य के रूप में उनकी उपस्थिति राज्य विधानमंडल के सत्रों में महसूस की जाती रही है। उन्हें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ का सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी मिल चुका है। उन्हें ओसाका सिटी यूनिवर्सिटी, जापान द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। 120 साल पुराने विश्वविद्यालय ने अब तक दुनिया में केवल दस प्रतिष्ठित व्यक्तियों को यह सर्वोच्च मानद उपाधि प्रदान की है, और महाराष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में जबरदस्त योगदान देने वाले देवेंद्र फड़नवीस यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं।

ये बातें जो उनके साथ क्रमश: जुड़ी हुई हैं –


  • 1999 से अब तक विधानमंडल में विधायक
  • प्राक्कलन समिति के सदस्य
  • शहरी विकास और आवास संबंधी स्थायी समिति के सदस्य
  • नियम समिति के सदस्य
  • महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य
  • आरक्षित निधि पर संयुक्त चयन समिति के सदस्य
  • सार्वजनिक उद्यम समिति के सदस्य
  • स्व-वित्त पोषित विद्यालयों पर संयुक्त चयन समिति के सदस्य

इन विभिन्‍न पदों पर रहे


  • 1989 नागपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा के वार्ड अध्यक्ष
  • 1999 से अब तक – विधान सभा सदस्य
  • 1992 से 2001 तक लगातार दो बार नागपुर नगर निगम के सदस्य, दो बार नागपुर के मेयर
  • 1994 भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष
  • 2001 भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
  • 2010 भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र क्षेत्र के महासचिव
  • 2013 भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र क्षेत्र अध्यक्ष
  • 2014 से 2019 तक महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री
  • 2019 से जून 2022 तक महाराष्ट्र राज्य में विपक्ष के नेता
  • जून 2022 से महाराष्ट्र राज्य के उप मुख्यमंत्री

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