नई दिल्ली रफ्तार न्यूज डेस्क: भारत त्योहारों का देश है। प्रतिदिन यहां कोई ना कोई व्रत या त्यौहार होता ही है। दीपोत्सव की तरह ही गणेश चतुर्थी भी भारतीयों का प्रमुख त्यौहार है। भारतीय हिंदू महीने में प्रत्येक चंद्रमा मास में दो गणेश चतुर्थी तिथियां होती हैं। पूर्णमासी या कृष्ण पक्ष के दौरान पूर्णिमा को संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है ,तो वहीं शुक्ल पक्ष के दौरान अमावस्या के बाद एक विनायक चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाते हैं। इस दिन लोग अपने-अपने घर में गणेश जी की स्थापना करते हैं और फिर अनंत चतुर्दशी के दिन उनको विदा कर देते हैं। गणेश चतुर्थी को गणेश जी की जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, आखिर इसके पीछे की पौराणिक मान्यता क्या है ?आईए जानते हैं।
गणेश चतुर्थी का महत्व :
हिंदू धर्म में गणेश भगवान को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। जब भी हम किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य की शुरुआत करते हैं तो गणेश जी की ही पूजा अर्चना की जाती है। क्योंकि भगवान गणेश बुद्धि, सुख, समृद्धि और विवेक के देवता माने गए है। गणेश चतुर्थी में भगवान गणेश की भक्ति करने से भक्त की सभी मनोकामना पूरी होती है। गणेश अपने भक्त की हर संकट से रक्षा करते है।





