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दिल्ली हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा को बड़ी राहत

जयपुर, 03 जून (हि.स.)। दिल्ली हाईकोर्ट ने फोन टैपिंग मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को राहत देते हुए मामले की अगली सुनवाई 06 अगस्त तय की है। कोर्ट ने लोकेश शर्मा के खिलाफ अगले आदेश तक कोई कार्रवाई नहीं करने को कहा है। हाईकोर्ट ने लोकेश शर्मा की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही राजस्थान और दिल्ली पुलिस को दो सप्ताह में स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हाईकोर्ट ने गजेंद्र सिंह शेखावत को जवाब देने के लिए कहा है। मामले के अनुसार पिछले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय राजस्थान सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगे थे। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के परिवाद के बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जनप्रतिनिधियों के फोन टैप करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया था। केन्द्रीय मंत्री की इस एफआईआर में सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा समेत अज्ञात पुलिस अफसरों को भी आरोपित बनाया गया था। इस मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच अभी जांच कर रही है। दिल्ली हाईकोर्ट में लोकेश शर्मा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की है। मामले की सुनवाई के दौरान शर्मा के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि इस मामले की जांच जब राजस्थान में चल रही है तो दिल्ली में एफआईआर दर्ज क्यों की गई? उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच नहीं कर सकती। शर्मा के वकील ने कहा कि शर्मा के पास क्लिप आती है और वो मीडिया हाउस में क्लिप देते हैं तो ये वो वास्तविक सोर्स नहीं है। वहीं राजस्थान सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि राजस्थान में एक भाजपा नेता द्वारा इस मामले में शिकायत दाखिल की गई थी, जिस पर जांच चल रही है। दिल्ली पुलिस की तरफ से वकील राजेश महाजन ने कहा कि दिल्ली में मामला दर्ज हो सकता है। इस मामले की जांच चल रही है। इस पर कोर्ट ने कहा कि लोकेश शर्मा के पास जब क्लिप आती है उस समय वो राजस्थान में होते हैं, वहां से क्लिप भेजते हैं इसका मतलब यह है कि ज्यूरिडिक्शन राजस्थान का बनता है। गजेंद्र सिंह के वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि ऐसा नहीं है, दिल्ली में भी ज्यूरिडिक्शन बनता है। इसके बाद कोर्ट ने जेठमलानी से पूछा क्यों न एफआईआर को राजस्थान ट्रांसफर किया जाए? जेठमलानी ने इस पर इनकार करते हुए कहा कि इस मामले में जांच चल रही है। कोर्ट ने कहा कि सब कुछ अगर राजस्थान में चल रहा है तो केवल एक एफआईआर की जांच दिल्ली में क्यों हो? जेठमलानी ने कहा कि इस मामले की जांच राजस्थान में नहीं होनी चाहिए। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने लोकेश शर्मा को राहत देते हुए मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त को तय की और अगले आदेश तक कोई कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर

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