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Wednesday, March 4, 2026
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भारत की अंतरिक्ष में एक और फतेह, ISRO ने रचा इतिहास; सूरज के हॉलो ऑर्बिट में पहुंचा देश का पहला Sun Mission

Aditya L-1 Mission: इसरो ने आज भारत का पहला सूर्य मिशन Aditya L1 को सफलता पूर्वक उसकी मंजिल पर पहुंच दिया है। ISRO की इस कामयाबी पर PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर (ISRO) बधाई दी है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इंडियन स्पेस रिसर्च ओर्गनाइजेशन (ISRO) ने नए साल पर एक और इतिहास रच दिया है। इसरो ने आज भारत का पहला सूर्य मिशन Aditya L1 को सफलता पूर्वक अपनी मंजिल पर पहुंच दिया है। भारत का Aditya सैटेलाइट L1 प्वाइंट के हैलो ऑर्बिट में इंसर्ट कर दिया गया है। 2 सितंबर 2023 को शुरू हुई सूर्य मिशन आदित्य की यात्रा अब खत्म हो चुकी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

इसरो की इस कामयाबी पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर (ISRO) बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की। भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल1 अपने गंतव्य तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यह हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है। पीएम मोदी ने कहा, मैं इस असाधारण उपलब्धि की सराहना करने में राष्ट्र के साथ शामिल हूं। उन्होंने कहा कि हम मानवता के लाभ के लिए विज्ञान की नई सीमाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

400 करोड़ रुपए की लागत से बना सूर्य मिशन आदित्य

आपको बता दें 400 करोड़ रुपए की लागत से बना यह मिशन भारत समेत पूरी दुनिया के सैटेलाइट्स को सौर तूफानों से बचाएगा। भारतीय स्पेस एजेंसी इसरो ने इसे कमांड देकर L1 पॉइंट की हेलो ऑर्बिट पर पहुंचा दिया है। इस तरह 2 सितंबर को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सूर्य की ओर शुरू हुई 15 लाख किलोमीटर की यह यात्रा अपने मुकाम पर पहुंच गई है। अब Aditya L1 सूरज की स्टडी कर रहे NASA के चार अन्य सैटेलाइट्स के समूह में शामिल हो चुका है। ये सैटेलाइट्स हैं- WIND, Advanced Composition Explorer (ACE), Deep Space Climate Observatory (DSCOVER) और नासा-ESA का ज्वाइंट मिशन सोहो यानी सोलर एंड हेलियोस्फेयरिक ऑब्जरवेटरी है।

क्या है लैरेंज प्वाइंट?

L1 यानी लैगरेंज पॉइंट-1 उन पांच पोजिशन में से एक है, जहां सूर्य और पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्तियां एक-दूसरे को संतुलित रखती हैं। लैरेंज प्वाइंट (Lagrange Point) या L1 पॉइंट का नाम गणितज्ञ जोसेफी-लुई लैरेंज के नाम पर रखा गया है। इन्होंने ही इस लैरेंज प्वाइंट्स की खोज की थी। आदित्य इस L1 पॉइंट पर पहुंच चुका है। हेलो कक्षा में एल1 प्वाइंट के चारों ओर सैटेलाइट के जरिए सूर्य को लगातार देखा जा सकता है।

क्या है इस मिशन का उद्देश्य?

इस मिशन का उद्देश्य सौर वातावरण में गतिशीलता, सौर तूफानों के आने की वजह, सूर्य के परिमंडल की गर्मी, सौर लहरों और उनका धरती के वायुमंडल पर असर, सूर्य की सतह पर सौर भूकंप, सूर्य के धधकने से जुड़ी गतिविधियों और उनकी विशेषताओं और अंतरिक्ष में मौसम संबंधी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझना है। आदित्य सूरज के कोरोना से निकलने वाली गर्मी और गर्म हवाओं की स्टडी करेगा।

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