नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंदौर जिले में दूषित पेयजल का संकट लगातार गहराता जा रहा है। भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब महू क्षेत्र में भी दूषित पानी ने लोगों की सेहत पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। महू के पट्टी बाजार, मोती महल और चन्दर मार्ग इलाकों में गंदा पानी पीने से 25 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। बीमार लोगों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण सामने आए हैं। कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ लोग घर पर ही इलाज करा रहे हैं।
स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने के आदेश दिए
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। देर रात महू की विधायक उषा ठाकुर और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा मौके पर पहुंचे और प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। विधायक ने स्वास्थ्य विभाग को सभी बीमार लोगों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने महू कैंट बोर्ड को पेयजल की तत्काल जांच कराने और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने के आदेश दिए।
अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी है
कलेक्टर ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज जारी है और फिलहाल कोई भी मरीज गंभीर स्थिति में नहीं है। शनिवार सुबह से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे शुरू किया जाएगा। जिन लोगों में बीमारी के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें घर पर ही इलाज दिया जाएगा, जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। भर्ती मरीजों में से कुछ को जल्द डिस्चार्ज भी किया जा सकता है।
हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है
घटना के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। पानी के सैंपल लेकर जांच की जा रही है ताकि बीमारी के कारणों का पता लगाया जा सके।
पिछले एक महीने में उल्टी-दस्त की बीमारी से 24 लोगों की मौत
गौरतलब है कि इससे पहले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में भी दूषित पानी से बड़ा संकट सामने आया था। अधिकारियों के अनुसार वहां 51 ट्यूबवेलों के पानी में गंदगी पाई गई थी और जांच रिपोर्ट में ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई थी। यह प्रदूषण एक शौचालय की सीवेज लाइन के पीने के पानी में मिलने से फैला था। स्थानीय लोगों का दावा है कि पिछले एक महीने में उल्टी-दस्त की बीमारी से 24 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने इंदौर जिले की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक के बाद एक इलाकों में दूषित पानी से लोग बीमार हो रहे हैं, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ती जा रही है।




